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प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत, चौथी मंजिल से गिरने के बाद तोड़ा दम, कटा हुआ था प्राइवेट पार्ट।

वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित एक युवा साधक की शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के रूप में हुई है। वह वृंदावन के वराहघाट क्षेत्र स्थित गुरु कृपा कुंज परिसर में रहकर साधना कर रहे थे।

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जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे दीपक चार मंजिला इमारत से नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें आश्रम से जुड़े लोगों ने निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना अस्पताल से पुलिस को मिली, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

शरीर पर चोट के निशान, कमरे से मिला उपकरण

घटना के बाद मृतक के शरीर पर गंभीर चोटें मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को उसके कमरे से एक ग्राइंडर भी मिला है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार शरीर के निजी हिस्से में भी गंभीर चोट थी। इस कारण पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। कमरे से मिले उपकरण से फिंगरप्रिंट लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

प्रथम दृष्टया आत्महत्या, लेकिन जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन अन्य संभावनाओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और आश्रम में रहने वाले अन्य साधकों से पूछताछ के जरिए घटनाक्रम को समझने का प्रयास कर रही है।

पुलिस के मुताबिक मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

करीब दो वर्ष से वृंदावन में रह रहे थे

रिपोर्टों के मुताबिक दीपक लोधी जबलपुर के रहने वाले थे और धार्मिक रुचि के चलते वृंदावन आए थे। संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद उन्होंने अपना नाम रसिक दुलारी शरण रखा था। वह गुरु कृपा कुंज में अन्य साधकों के साथ रह रहे थे।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि यह आत्महत्या थी, हादसा था या घटना के पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इसका स्पष्ट उत्तर सामने आएगा।

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