सुधीर के बोल
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क्या 12 वर्ष उपरांत “कुंभ” भव्य पंडाल और धार्मिक मनोरंजन का मात्र उद्देश्य है? किसका कितना ऐश्वर्यपूर्ण पंडाल होगा उसे ही सबसे बड़ा अखाड़ा, सम्प्रदाय, मठ का तमगा मिलेगा?
सुधीरकेबोल :- सत्ता अधिकतर निर्दयी होती है कभी कभी कोई पांडव लालबहादुर शास्त्री या कलाम जैसे लोग सत्ता के शिखर…
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किसानों का भरोसा जीतने में सरकार नाकाम,देश हो रहा है बदनाम
सुधीर के बोल : – पिछले दिनों से चले आ रहे किसान आंदोलन को सरकार, मीडिया व सामाजिक चेहरे जिस…
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सुधीर के बोल:- बीमार शरीर से आनन्दित होने की सम्भावना तो है पर बीमार आत्मा से आनन्दित नही हुआ जा सकता
अगर मानव व पशु-पक्षी में तुलना की जाएं तो पशु-पक्षी अधिक आनंदित होंगे। आज जिसे हम विकास कहते है दरअसल…
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