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ब्रह्मा की नगरी चौमुहां में समाजसेवी पूरन सिसोदिया ने किया दंगल का आयोजन। चार लाख ग्यारह हजार की आखिरी कुश्ती बराबरी पर रही।

मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने किया दंगल का शुभारंभ, 500 रुपये से शुरू हुई कुश्तियां लाखों तक पहुंचीं, आयोजन में उमड़ा हजारों का जनसैलाब

चौमुहां (मथुरा)। ब्रज में कुश्ती की परंपरा को जीवंत रखते हुए शनिवार को ब्रह्मा जी की नगरी चौमुहां में विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। समाजसेवी ठाकुर बिहारी लाल उर्फ पूरन सिंह सिसोदिया द्वारा रक्षाबंधन के दूसरे दिन अपने निजी खर्चे से कराया गया यह दंगल आकर्षण का केंद्र रहा।

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दंगल की शुरुआत 500 रुपये की कुश्ती से हुई, जो देखते ही देखते लाखों तक जा पहुंची। दंगल की सबसे आखिरी और सबसे बड़ी 4 लाख 11 हजार रुपये की महाकुश्ती जानू के विक्रम पहलवान और भारत पहलवान के बीच हुई। दोनों पहलवानों के बीच जमकर जोर आजमाइश हुई, दांव-पेंच लगे, पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा, लेकिन अंत में यह ऐतिहासिक कुश्ती बराबरी पर छूटी। वहीं अन्य कुश्तियों में नरेश उर्फ चेंचू, लाखन, सूरज, कान्हा आदि पहलवानों ने बाजी मारकर ईनाम जीते। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ दिमाग होता है और स्वस्थ दिमाग से ही अच्छे चरित्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि पूरन सिंह सिसोदिया द्वारा कई वर्षों से यह परंपरा निभाना सराहनीय है, इससे पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है।

आयोजक ठाकुर बिहारी लाल ने कहा कि ब्रज को पूरे विश्व में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली-कर्मस्थली के साथ-साथ कुश्ती दंगल के लिए भी जाना जाता है, इस परंपरा को जिंदा रखना हम सबका दायित्व है। इस दौरान दंगल कमेटी ने अतिथियों और खलीफाओं का साफा-पगड़ी बांधकर स्वागत किया। रेफरी की भूमिका ओंकार सिंह गुड्डू व खगेंद्र पहलवान ने निभाई, जबकि संचालन गिर्राज सिसोदिया व राजबीर सिंह ने किया। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन पाल सिंह यादव, ओंकार सिंह, संजय सिंह सहित हजारों लोग मौजूद रहे।

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