कावड़ यात्रा को अनुमति मुड़िया (गुरु) पूर्णिमा मेला प्रतिबंधित? योगी पर पक्षपात का आरोप। शैव होने के कारण कावड़ यात्रा को दी अनुमति, वैष्णवो में असंतोष

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कावड़ यात्रा को अनुमति देने व सनातन धर्म के पवित्र त्योहार मुड़िया पूर्णिमा मेले को शासन प्रशासन से अनुमति न मिलने पर ब्रजवासियों में आक्रोश पनपने लगा है।
कान्हा की नगरी मथुरा में इस बात की चर्चा है कि योगी आदित्य नाथ शैव सम्प्रदाय से आते है इस लिये उन्होंने कावड़ यात्रा को मंजूरी देदी है।
जबकि विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा ( गुरु पूर्णिमा) मेला जो वैष्णव सम्प्रदाय का प्रमुख पर्व है पर शासन ,प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगा दिया है जो स्पष्ट रूप से पक्ष पात को दर्शाता है।

वृन्दावन के प्रमुख समाजसेवी सुधीर शुक्ला ने ब्रजवासियों की पीड़ा को व्यक्त करते हुए एक पोस्ट सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर डाली है कि एक त्योहार को मनाने के लिये अनुमति जबकि सनातन धर्म के दूसरे सम्प्रदाय के त्योहार को मानने पर प्रतिबंध। ऐसा क्यों?
यह दोहरी नीति न्याय संगत नही है।
यदि कोरोना की तीसरी सम्भावित लहर के कारण यदि गुरु पूर्णिमा पर्व को मनाने से रोका जा रहा है तो कावड़ यात्रा को अनुमति क्यो?
यदि कावड़ यात्रा निर्विघ्न सम्पन्न हो सकती है तो गुरु पूर्णिमा जैसा पवित्र पर्व मनाने पर प्रतिवंध क्यों।
सोशल मीडिया पर सैकड़ों की संख्या में लोग कमेंट कर अपने विचार कर रहे हैं।
ब्रज में योगी सरकार के इस निर्णय से खासी नाराजगी है। लोगों ने विभिन्न माध्यमो से मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
लोगों का कहना है कि योगी सरकार कावड़ यात्रा के साथ साथ गुरु पूर्णिमा पर्व मनाने की अनुमति दे या फिर दोनो ही धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई जाय।










