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अरबों रुपये खर्च फिर भी मथुरा , वृन्दावन का हाल बेहाल। ब्रज विकास के नाम पर अरबों का घोटाला

अरबों रुपया खर्च करके भी वृन्दावन व मथुरा का हाल बेहाल क्यों ?
योगी सरकार जवाब दे!
वृन्दावन। 26 नवम्बर, विश्व ख्याति के पौराणिक नगर वृन्दावन व मथुरा की तीर्थ सुविधाओं के विस्तार पर योगी सरकार ने पिछले पांच वर्षो में अरबों रुपया खर्च किया है, फिर भी इन नगरों का हाल बेहाल क्यों हैं? ‘उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद’ में हुई अरबों रुपये की बन्दरबांट की जाँच हो। यह मांग आज देश के जाने माने खोजी पत्रकार व ‘द ब्रज फाउन्डेशन’ के अध्यक्ष विनीत नारायण ने आज एक सम्वादाता सम्मेलन में कही।

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वृन्दावन व मथुरा वासियों की पीड़ा को रेखाकिंत करते हुये विनीत नारायण ने कहा कि आज पांच वर्ष बाद भी वृन्दावन वासियों को बन्दरों के आंतक से निजात क्यों नहीं मिली ? जबकि सम्वेदनशील प्रशासन मात्र दो करोड़ रुपया खर्च करके इस समस्या का हल कर सकता था। आज मथुरा व वृन्दावन नारकीय कूड़े के ढेरों और जगह-जगह जमा बदबूदार गन्दे पानी से अटे पड़े है। इन दोनों नगरों की सीवर व्यवस्था ध्वस्त है। जहाँ वृन्दावन में नाकारा और अनावश्यक बिजली के खम्बे लगाने पर चर्चा है कि अस्सी करोड़ रुपये खर्च किये गये। वहीं बीस करोड़ रुपये सालाना खर्च करके वृन्दावन को साफ नहीं रखा जा सकता था क्या? मथुरा व वृन्दावन की सड़कों में कितने गड्ढे है कि गिने भी नहीं जा सकते। विनीत नारायण ने कहा कि ‘ब्रज तीर्थ विकास परिषद’ का सारा जोर लाल पत्थर के अनावश्यक भवन निर्माणों पर रहा है क्योंकि इस काम में चालीस फीसदी तक कमीशन मिलता है तो मथुरा व वृन्दावन को तीर्थ के अनुरूप साफ रखने की क्या जरूरत है?

वृन्दावन की परिक्रमा पर भी लाल पत्थर का अनावश्यक प्रयोग करके उसे संकरा और मंहगा बना दिया है, जिसका सब ने विरोध किया था। आज इस परिक्रमा की कैसी दुर्दशा है यह कोई खोज का विषय नही है, कैमरा ? घुमाइये और खुद देख लीजिये कि इसका भी हाल बेहाल है। यमुना जी की तो बात ही करना बेकार है। पांच वर्षों से भाजपा सरकार की घोषणाएं सुनते आ रहे है, क्या यमुना जी शुद्ध हुई? क्या वृन्दावन में यमुना के घाट तीर्थ यात्रियों को प्रभावित करते है, या निराश? जिन घाटों का जीर्णोद्धार ब्रज फाउन्डेशन’ के सद्प्रयास से केन्द्र की ‘हदय योजना’ के अन्तर्गत किया गया था उनका भी रखरखाव नही किया गया और वो उपेक्षित पड़े है।

इन तीर्थ नगरों की ट्रेफिक व्यवस्था सुधारने के लिये ‘ब्रज तीर्थ विकास परिषद’ ने आज तक क्या किया? ब्रजवासी ही नही बाहर से आने वाले तीर्थ यात्री इन नगरों में हर वक्त लगने वाले ट्रेफिक जाम से परेशान होते हैं। पर परिषद के पास न तो कल्पनाशीलता है न इच्छा।

विनीत नारायण ने ‘ब्रज तीर्थ विकास परिषद’ के गैर कानूनी कामों पर तीन वर्ष पहले एक पर्चा जारी किया था जिसमें उठाये गये गम्भीर मुद्दों पर परिषद् आज तक जवाब नही दे पाई है। इन वर्षो में मथुरा जिले के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिषद् से आरटीआई कानून के तहत उसकी परियोजनाओं पर सबाल पूछे है, जिनका उत्तर देने की हिम्मत परिषद् ने आज तक नहीं की।
सम्वादाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये पद्मश्री मोहन स्वरुप भाटिया  ने कहा कि ‘ब्रज तीर्थ विकास परिषद’ ने ब्रज की संस्ड्डति की पूरी तरह उपेक्षा की है और बिना विशेषज्ञों की सलाह के मनमाने ढंग से जनता का पैसा बर्बाद किया है।
श्री नारायन ने कहा कि परिषद् के उपाध्यक्ष श्री शैलजा कान्त मिश्रा सीधे मुख्यमंत्री योगी जी को रिर्पोट करते है इसलिये ब्रज तीर्थ विकास परिषद में हुये इन महाघोटालों के लिये सीधे सीधे मुख्यमंत्री ही जवाबदेह हैं। यहाँ

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