अपराधदुनियादेशब्रेकिंग न्यूज़मथुरामंदिर के दर्शनवृन्दावन

मथुरा। बांके बिहारी मंदिर में बवाल! धीरेंद्र शास्त्री के दर्शन पर भीड़ बेकाबू, ASP अनुज चौधरी ने सेवादार को खींचकर निकालने का आरोप

वृंदावन। बांके बिहारी मंदिर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दर्शन के दौरान भारी भीड़ के चलते विवाद पैदा हो गया। पुलिस और सेवायतों के बीच धक्का-मुक्की हुई, कुछ सेवायतों के कपड़े तक फट गए। वीआईपी दर्शन के नाम पर मंदिर की मर्यादा और भीड़ प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गये।
वृंदावन धाम स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में रविवार को बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दर्शन के दौरान भारी हंगामा हुआ। उनके आगमन के साथ ही मंदिर में पहले से मौजूद श्रद्धालु और उनके समर्थकों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि पुलिस और सेवायतों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस झड़प में कुछ सेवायतों के कपड़े फट गए। विवाद की परिस्थितियों में ASP अनुज चौधरी पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के तरीकों को लेकर सवाल उठे। मंदिर की वीआईपी दर्शन प्रक्रिया और भीड़ नियंत्रण पर अब प्रशासन को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

trinetra
Sudhir-Shukla-ji-1
pooran-singh
bharat-singh-pradhan
op-shukla
mool-chand-pradhan-ji-scaled
jitendra-sing

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा के समापन के बाद बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने आए, उनकी लोकप्रियता के चलते पहले से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद थे। लेकिन जैसे ही वे वीआईपी प्रवेश द्वार से अंदर दाखिल हुए, उनकी मौजूदगी ने एक नया हुजूम खड़ा कर हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धीरेन्द्र शास्त्री जी के साथ आए समर्थकों और पहले से मौजूद भीड़ के कारण भीड़ का दबाव बढ़ गया।जिससे गर्भगृह के पास रहने वाला दबाव अचानक बढ़ गया। सूत्रों के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री के आकर्षण ने मंदिर में भीड़ का दबाव “प्रचंड” कर दिया। इसके चलते मंदिर की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी। सुरक्षा बलों और सेवायतों दोनों ने नियंत्रण की कोशिश की, लेकिन स्थिति बहुत जल्दी अनियंत्रित हो गयी।

नोकझोंक से धक्का-मुक्की तक
बहुत जल्द, गर्भगृह के पास पहुंचने की कोशिश में सेवायतों (मंदिर में व्यवस्था संभालने वाले लोग) और पुलिस कर्मियों के बीच नोकझोंक शुरू हो गयी। सेवायतों का तर्क था कि वे मंदिर की मर्यादा बचाने की कोशिश कर रहे हैं, वे गर्भगृह के नजदीक आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि मंदिर के अंदर की पवित्रता बनी रहे। लेकिन पुलिस का कहना था कि उनको सुरक्षा बनाए रखने के लिए कदम उठाना पड़ रहा है और उन्हें भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्ती बरतनी पड़ी। इस विवाद में हिंसक तत्व भी शामिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नोकझोंक एक जोरदार धक्का-मुक्की में बदल गयी। कुछ सेवायतों के कपड़े भी फट गए, यह संकेत था कि झड़प में शारीरिक संपर्क, धक्का और संभवतः बल का इस्तेमाल हुआ था। नाराज सेवायतों ने पुलिस पर “अभद्रता” और “मारपीट” करने का आरोप लगाया है।

trinetra
Sudhir-Shukla-ji-1
pooran-singh
bharat-singh-pradhan
op-shukla
mool-chand-pradhan-ji-scaled
jitendra-sing

Related Articles

Back to top button
Close
Close