बेबसी की तस्वीरें: तहसीलदार मैडम के पैरों तले ऑक्सीजन सिलिंडर, हाथ जोड़कर मांगते रहे तीमारदार

चाहे मुझे गोली मार दो… लेकिन मेरा सिलिंडर मत छीनो, मेरी बहन तड़प रही है, वो मर जाएगी। मैं चाहे मर जाऊं लेकिन ये सिलिंडर लेकर जाऊंगा। मुझसे सिलिंडर कोई नहीं छीन सकता…। ये शब्द हैं एक बेबस भाई के, जो अस्पताल में तड़पती बहन के लिए सिलिंडर में ऑक्सीजन भरवाने सोमवार को आगरा के खंदौली स्थित राम मनोहर गैस गोदाम पहुंचा था। सिलिंडर लेकर जैसे ही गोदाम से निकला अचानक महिला तहसीलदार पहुंच गईं। उन्होंने सिलिंडर छीन लिया। वह हाथ जोड़कर सिलिंडर के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी एक न सुनी। आरोप है कि गुस्से में तहसीलदार ने उसके साथ मारपीट की।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वायरल वीडियो 47 सेकंड है। जिसमें पीड़ित भाई तहसीलदार और पुलिस कर्मियों से कह रहा है कि चाहे मुझे गोली मार दो, लेकिन मेरा सिलिंडर मत छीनो। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह के संज्ञान में आने पर उन्होंने करीब एक बजे एत्मादपुर एसडीएम प्रियंका सिंह को मौके पर भेजा। एसडीएम पुलिस के साथ पहुंचीं, उन्होंने गैस गोदाम के गेट पर बाहर सिलिंडर रीफिल कराने आए तीमारदारों को भगा दिया।
अस्पतालों में ऑक्सीजन किल्लत के कारण भर्ती मरीजों के तीमारदारों से ही गैस सिलिंडर भरवाकर मंगाए जा रहे हैं। सोमवार सुबह 10 बजे से गैस गोदाम पर हाथों में मरीजों के पर्चे, आधार कार्ड और खाली सिलिंडर लेकर 70 से 75 तीमारदार की कतार लग गई। दो घंटे लाइन में लगने के बाद उनके सिलिंडर भरे गए। दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही तीमारदार सिलिंडर लेकर गोदाम से निकल रहे थे तभी वहां तहसीलदार प्रीति जैन पहुंच गईं। चश्मदीदों ने बताया कि तहसीलदार ने सिलिंडर ले जाते हुए तीमारदारों से अमानवीय व्यवहार किया। उनके हाथों से सिलिंडर छीनकर उसे पैरों से धकेल वापस अंदर गोदाम में कर दिया।
एत्मादपुर की तहसीलदार प्रीति जैन ने कहा कि इस मामले में मैं कुछ नहीं कहूंगी। मुझे डीएम साहब ने आदेश दिए थे। जो भी कहेंगे डीएम साहब ही कहेंगे। उन्हीं से बात कर लीजिए। वहीं जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने कहा कि तहसीलदार को मैंने भेजा था। क्या विवाद है उसकी जांच कराएंगे। गोदाम व अस्पतालों से कालाबाजारी की शिकायतें मिल रहीं हैं। इसलिए बफर स्टॉक तैयार हो रहा है। उसके लिए सिलिंडर एक जगह इकठ्ठा किए जा रहे हैं।









